पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। इस घटना में कई लोग घायल हुए। हालांकि, शाम तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर पुलिस के पास शिकायत नहीं दर्ज कराई। पुलिस ने खुद इस मामले पर एफआईआर दर्ज की है। कोलकाता पुलिस ने बताया कि इस घटना में आठ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
कोलकाता पुलिस ने गिरीश पार्क में हुई तोड़फोड़ के मामले में खुद से केस दर्ज किया है। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, किसी भी राजनीतिक पार्टी की तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है।
कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके में 14 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिगेड रैली से पहले भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच भारी झड़प और पत्थरबाजी हुई। गिरीश पार्क, ब्रिगेड परेड मैदान से लगभग पांच किलोमीटर दूर है, जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक रैली को संबोधित किया। भाजपा समर्थकों की बसों को रोकने और मंत्री शशि पांजा के घर पर हमले के आरोपों के बीच दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा, जिसके बाद रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की गई। घटना से जुड़े कई वीडियो भी सामने आए थे, जिसमें कई लोगों को पत्थरबाजी करते हुए देखा जा सकता है। पुलिसकर्मी भी मौके पर नजर आ रहे हैं। वह उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन पत्थरबाज उन्हें नजरअंदाज करते हुए हिंसा करते हैं।
भाजपा समर्थकों ने आरोप लगाया कि जब वे प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे लगाते हुए रैली स्थल की ओर जा रहे थे, तब अचानक कुछ इलाकों से उन पर पत्थर फेंके गए। भाजपा के एक कार्यकर्ता ने एक स्थानीय समाचार चैनल को बताया, ''बिना किसी उकसावे के हम पर पत्थर फेंके गए। उन्होंने हमें गालियां भी दीं।'' प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों दलों के समर्थकों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंके और नारे लगाए। भाजपा ने कहा कि झड़प के दौरान कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इन आरोपों का खंडन किया और दावा किया कि भाजपा समर्थकों ने ही पहले गाली-गलौज की और उन पर पथराव शुरू किया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय टीएमसी नेताओं के आवास पर भी पत्थर फेंके गए। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। यह घटना ब्रिगेड परेड मैदान में मोदी की रैली से ठीक आधे घंटे पहले हुई।
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